नमस्कार दोस्तों मेरा ये पहला पोस्ट है | जिसमे में आपको अपना ही अनुभव को बताता हु | २००९ की बात है जब मेरी माँ को डॉक्टर ने हल्का सा बताया था की बच्चादानी में छोटा गाठ सा दिख रहा है सायद दवाई से ठीक हो जय हम दवाई ले रहे थे और सब ठीक चल रहा था | और साथ ही साथ हम आयुर्वेदिक दवाई भी चला रहे थे | फिर कुछ लोगो की सलाह लिए तो डॉक्टर का कहना था की बच्चा दानी निकल देना चाहिए | लेकिन एकाएक आदमी ऑपरेशन में भरोसा नहीं करता उसी प्रकार हम भी नहीं किये | और आयुर्वेदा की और चले गए | आयुर्वेदिक दवाई से सब ठीक लग रहा था | ५ साल गुजर गया सब अच्छा था | २०१३ में एक दिन अचानक पेट में दर्द हुआ तो अपोलो हॉस्पिटल, भिलाई, छत्तीसगढ़ ले कर गए | वह २०१३ में ओवेरियन कैंसर है करके पता चला | माँ की हालत बहुत ख़राब थी डॉक्टर kya कर रहे थे कुछ समझ नहीं आ रहा था हम रो रहे थे और कोई दूसरा ऑप्शन ढूंढ रहे थे | तभी संजीवनी हॉस्पिटल, रायपुर, छत्तीसगढ़ के बारे में पता चला वह ले कर गए | वह ट्रीटमेंट अच्छा हुआ माँ की तबियत ठीक होते गयी और वो फिर से नार्मल हो गई | उसके बाद हमें संजीवनी हॉस्पिटल में बड़ा विश्वास हो गया | २०१३ से २०१६ तक सब ठीक था | और जैसे की सब जानते है ये जो बीमारी है वो फिर से वापस आ जाती है शामे वैसे ही हमारी माँ को वो बीमारी वापस आ गई| हमें डॉक्टर पे पूरा विश्वास था की बीमारी आई है तो डॉक्टर साहब ठीक कर लेंगे| लेकिन वो इस बार नाकाम रहे | और वो जो chemo दिए उसका साइड इफ़ेक्ट इतना ज्यादा था की डॉक्टर के हाथ में भी इसका इलाज नहीं था | अंधाधुन विश्वास भी अच्छा नहीं होता |
में आपको बता दू की मेने डॉक्टर मेडिसन , आयुर्वेदिक दवाई दोनों लिया लेकिन फिर भी मेरे को सक्सेस नहीं मिल पाया में आपको आयुर्वेदिक दवाई के बारे में बता दू जो में लेता था -
में आपको बता दू की मेने डॉक्टर मेडिसन , आयुर्वेदिक दवाई दोनों लिया लेकिन फिर भी मेरे को सक्सेस नहीं मिल पाया में आपको आयुर्वेदिक दवाई के बारे में बता दू जो में लेता था -